आज केंद्र में आम जनता की सरकार नहीं है जो आम जनता की ज़रूरतों की ओर ध्यान दे , महंगाई को नियंत्रित करे । बल्कि आजकल इसका समय भ्रष्टाचार के नित नए-नए तरीके इजाद करने में बीतता है ।रकभी 2G-Spectrum के रूप में , कभी commonwealth game के रूप में, कभी आदर्श सोसाइटी घोटाले के रूप में, और कभी ISRO को लेकर उठता विवाद। हर नया घोटाला एक नया रिकॉर्ड बनता हुआ । और हमारा सत्ता पक्ष ये कहकर अपना पल्ला झाड़ना चाहता है की ये सब गठबंधन की मजबूरियां हैं । एक लोकतान्त्रिक देश में ये कितने शर्म की बात है की भ्रष्टाचार को दूर कर , उस पर नियंत्रण लगाने की जगह आप इसे गठबंधन की मजबूरियां बता कर अपनी जिम्मेदारियों से बचना चाहते हैं ।हहमारे देश का शायद ही कोई प्रधानमंत्री इतना लाचार , इतना कमज़ोर साबित हुआ हो। आज जनता को ये फैसला करना है की क्या वो ऐसी निक्कमी सरकार चाहती है जिसके मुखिया (PM) हर नए घोटाले के बाद अपने हाथ खड़े कर देते हैं । तथा जनता को जागरूक बनाने वाली हर कोशिश को कुचलने को तैयार बैठी रहती है, चाहे वो बाबा रामदेव के शिविर पर आधी रात को पुलिस का लाठीचार्ज हो या फिर अन्ना के आन्दोलन को बदनाम करने की कोशिश । अब जनता की बारी है की वो इस निकम्मी सरकार को करारा जवाब दे और भविष्य में होने वाले चुनाव में अपने वोट की ताकत दिखाये ।
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